Saturday, December 24, 2016

प्राचीन इतिहास


1. मौर्य साम्रज्य का शासनकाल- 321 ई0 पू0 से 184 ई0 पू0 तक चला l
2. मौर्य वंश का संस्थापक- चन्द्रगुप्त मौर्य था l
3. 322 ई0 पू0 में- चन्द्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य की सहायता से नन्द वंश के अंतिम शासक धनानंन्द की हत्या करके मौर्य साम्राज्य की स्थापना की l
4. यूनानी साहित्य में- चन्द्र्गुप्त मौर्य को सैंड्रोकोट्स कहा गया है l
5. 305 ई0 पू0 में चन्द्रगुप्त का संघर्ष- सिकंदर के सेनापति सेल्युकस निकोटर से हुई जिसमें चंद्रगुप्त की विजय हुईl
6. चंद्रगुप्त के शासनकाल में- मेगस्थनीज दरबार में आया और पाँच वर्षो तक पाटिलपुत्र रहा

7. मेगस्थनीज ने- इन्डिका की रचना की जिसमें मौर्य साम्राज्य की दशा का वर्णन हैl
8. चंद्रगुप्त मौर्य ने- सौराष्ट्र,मालवा,अवन्ति के साथ सुदूर साउथ भारत को मगध राज्य में मिलाया l
9. चंद्रगुप्त ने- बाद में जैन धर्म स्वीकार किया व भद्रबाहु से जैन धर्म को स्वीकार किया l
10. चंद्रगुप्त मौर्य ने- ई0 पू0 300 में अनशन व्रत करके कर्नाटक के श्रवणगोला में अपने शरीर का त्याग किया l
11. 300 ई0 पू0 में- बिंदुसार मगध की गद्दी पर बैठा l
12. यूनानी इतिहासकारों ने- बिंदुसार को अपनी रचनाओं में अमित्रोकेट्स की संज्ञा दी है जिसका अर्थ होता है शत्रु का विनाशक l
13. वायु पुराण में- बिंदुसार को भद्रसार तथा जैन ग्रंथों में सिंहसेन कहा गया है l
14. बिंदुसार के शासन काल में- तच्छशिला में दो विद्रोह हुए पहले विद्रोह को उसके पुत्र सुसीम ने दबाया व दूसरे को अशोक ने दबाया l
15. बिंदुसार की- मृत्यु 273 ई0 पू0 हुई l
16. बिंदुसार की मृत्यु के 4 वर्ष बाद- ई0 पू0 269 में अशोक मगध की गद्दी पर बैठा l
17. सिंहसनारुढ होते समय अशोक ने- ‘देवनामप्रिय’ तथा प्रियदर्शी’ जैसी उपाधि धारण की l
18. अशोक की माता का नाम- सुभ्रद्रांगी था और वह चम्पा (अंग)की राजकुमारी थी l
19. अशोक ने कश्मीर तथा खेतान पर अधिकार किया कश्मीर में अशोक ने श्रीनगर की स्थापना की l
20. राज्यभिषेक के 8वें वर्ष 261ई0 पू0 में अशोक ने- कलिंग पर आक्रमण किया l
21. कलिंग के हाथी गुम्फा अभिलेख से ज्ञात होता है कि- उस समय कलिंग पर नंदराज नाम का कोई राजा राज्य कर रहा था l
22. कलिंग युध्द में व्यापक हिंसा के बाद- अशोक ने बौध्द धर्म अपनाया l
23. अशोक ने बौध्द धर्म का- प्रचार-प्रसार किया उसने अपने पुत्र महेंद्र व पुत्री संघमित्रा को बौध्द धर्म के प्रचार के लिये श्रीलंका भेजा
24. अशोक ने 10 वें वर्ष में- बोधगया व 20 वें वर्ष में लुम्बिनी की यात्रा की l 👌👌
25. अशोक ने ‘धम्म’ को- नैतिकता से जोडा इसके प्रचार प्रसार के लिये उसने शिलालेखों को उत्कीर्ण कराया ।
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